ऊन्होंने तब भी साहबजादों को दीवार में चुनवाया।उन्होंने तब भी गुरुओं को बीच से चिरवाया।उन्होंने तब भी हमारे पूज्यों के और हमारे सरों को काटकर फुटबॉल खेला। वे नहीं बदले।वे अब भी वही कर रहे हैं जो सैकड़ों साल से करते आ रहे हैं। बस तुम ही भूल गए अपने इतिहास को।
#KabulGurdwaraAttack...